Welcome Guest You Can Login/Register
Benifits Of Parad Shivling Print This Article Download as PDF
#
  • Astrologer Peeyush Vashisth

पारद शिवलिंग के लाभ

पारद शिवलिंग क्या है  ( What is Parad Shivling )

पारद को रसराज कहा जाता है इसीलिए इससे निर्मित पारद शिवलिंग(Mercury Shivling ) भी बहुत विशेष होता है और बहुत सी कामनाओ को पूर्ण करने वाला होता है | शास्त्रो में तो यहाँ तक लिखा है की सिद्ध पारद शिवलिंग के दर्शन मात्र से मनुष्य अनेक प्रकार के पापो से मुक्त हो जाता है |

सामान्य रूप से पारा तरल धातु रूप में होता है लेकिन उसे विभिन्न शोधन प्रक्रियाओ से शुद्ध करके ठोस बनाया जाता है | ब्रह्मपुराण, ब्रह्मवेवर्त पुराण, शिव पुराण, उपनिषद आदि अनेक ग्रंथों में इसके महत्व का वर्णन किया गया है|

आचार्य पीयूष के अनुसार पारद से शिवलिंग एक विशेष समय में बनाए जाते हैं जिसे विजयकाल कहा जाता है | इसी क्रिया के कारण यहाँ रस-सिद्ध एवं चैतन्य हो पाता है और पूर्ण सक्षम एवं प्रभावयुक्त बनता है।

विभिन्न संस्कारो के माध्यम से पर को ठोस बनाया जाता है | यदि इससे आगे संस्कार किये जाये तो यह स्वर्ण में परिवर्तित हो जाता है | आज भी ऐसे बहुत से रसायन योगी भारत में विद्यमान है |
शास्त्रों के अनुसार रावण रससिद्ध योगी था, उसने पारद शिवलिंग की पूजा करके भगवन शिव को पूर्ण प्रसन्न किया था और वरदान प्राप्त किया था |

पारद शिवलिंग के लाभ  ( Benifits of Mercury Shivling )
पारद शिवलिंग के अनेक लाभ प्राप्त होते है | ज्योतिष शास्त्र और धर्म ग्रंथो के अनुसार यह मृत्यु के भय, और गंभीर खतरों से व्यक्ति को मुक्त करता है। । यह परेशानियों, तनाव, अहंकार, आदि को दूर करता है । यह दुर्घटनाओं और बीमारियों से व्यक्ति की रक्षा करता है ।

पारद शिवलिंग से अशुभ योग निवारण  ( Parad shivling Removes Malefic Astrological Yog )

 

ज्योतिषाचार्य पीयूष वशिष्ठ के अनुसार कालसर्प दोष,विष योग, केमद्रुम योग , पाश योग, जेलयात्रा योग , बंधन योग  और अन्य अशुभ योगो के अशुभ फल को यह दूर करता है | यह बदकिस्मती समाप्त करता है और अच्छा भाग्य और सफलता प्रदान करता है । पारद शिवलिंग बेचैनी, अवसाद, मानसिक अस्थिरता और चिंता दूर करने के लिए मन मे शांति लाता है। साहस और आत्मविश्वास बढ़ाता।

तंत्र शास्त्र के अनुसार यदि साधना में पारद शिवलिंग समीप रखा जाये तो अशुभ शक्तिया और भूत प्रेत विघ्न नहीं डालते है | यदि संतान में विलम्ब हो रहा हो तो तीन माह तक इसका नित्य दर्शन करकेशिव चालीसा का पाठ करना चाहिए | ऐसा करने पर शीघ्र संतान प्राप्त होती है | घर में स्थापित करने पर यह वास्तु दोषो को भी दूर करते है |
पाठको और साधकजनो की सुविधा के लिए हमारे यहाँ आचार्य पीयूष वशिष्ठ के निर्देशन में पारद शिवलिंग का निर्माण किया जाता है और इसे सिद्ध किया जाता है | हमारे ज्योतिष सामग्री विक्रय केंद्र से आप इसे उचित मूल्य पर प्राप्त कर सकते है |

सिद्ध पारद शिवलिंग प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करे 

Comments

Write Your Comments